अमेठीची शेती

अमेठीची शेती

सांगा कशी फ़ुलावी, तोर्‍यात कास्तकारी
वाह्यात कायद्यांच्या लोच्यात कास्तकारी

देशात जा कुठेही, भागात कोणत्याही
सर्वत्र सत्य एकच; तोट्यात कास्तकारी!

झिजत़ात रोज येथे, तिन्ही पिढ्या तरी पण;
दारिद्र्य-अवदसेच्या विळख्यात कास्तकारी

कांदा हवा गुलाबी, स्वस्तात इंडियाला
जावो जरी भले मग, ढोड्यात कास्तकारी

पोसून राजबिंडे; आलू समान नेते
उत्पादकास नेते, खड्ड्यात कास्तकारी

डॉलर सुकाळ शेती, बारामती-अमेठी
ती तांबड्या दिव्याची, अज्ञात कास्तकारी

हे बोलणेच आता, हा नाइलाज उरला
की सोड ’अभय’ एका झटक्यात कास्तकारी

                                         - गंगाधर मुटे
----------------------------------------------------

Amethi

*   *   *   *
Amethi

*   *   *   *
Amethi

*   *   *   *
Amethi

प्रतिक्रिया

विवेक कापगते's picture

देशात जा कुठेही, भागात कोणत्याही
सर्वत्र सत्य एकच; तोट्यात कास्तकारी!

... दुर्दैवी सत्य

विवेक कापगते
(शब्दप्रेमी)
९८६०३९९७२२

गंगाधर मुटे's picture

धन्यवाद विवेकराव.
प्रतिसादाबद्दल आभारी आहे.

---------------------------------------
माझी वाङ्मयशेती - फेसबूकपेज
---------------------------------------