श्रीगणेशा..!!

गंगाधर मुटे's picture
प्रकाशीत: 
(रानमेवा काव्यसंग्रहात प्रकाशित)

श्रीगणेशा..!!

Ganesh

नमन करतो श्री गणेशा, वक्रतुंडा रे परेशा
लेखना प्रारंभ करतो, तरल शब्दा दे परेशा

शक्य करसी तू अशक्या, गम्यता देसी अगम्या
लक्ष अपराधास माझ्या, तूच पोटी घे परेशा

तू गजानन निर्विकल्पा, फेड माझ्या तू विकल्पा
वेल कवितेची चढू दे, वृक्ष तू व्हावे परेशा

तूच माझा सोयरा रे, पाठराखा तू सखा रे
तूच माझा भाव भोळा, मधुरसे गाणे परेशा

अभय कविता देखणी तू, वृत्त्त तू, स्वरशब्द तू रे
अंत्ययमका संग दे ते यमक तू माझे परेशा

- गंगाधर मुटे "अभय"
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
(वृत्त – मात्रावृत्त)
.........................................
(रानमेवा काव्यसंग्रह - प्रकाशन दि. १०.११.२०१०)
.........................................

प्रतिक्रिया

गंगाधर मुटे's picture

Shree Ganesh Aarti

---------------------------------------
माझी वाङ्मयशेती - फेसबूकपेज
---------------------------------------