समीक्षण

*शेतमालाचा उत्पादनखर्च भरून निघेल एवढा भाव मिळवणे हा शेतकर्‍यांचा अधिकार आहे*
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प्रकाशन दिनांक शिर्षक लेखक वाचने प्रतिसाद
09-03-2014 ’माझी गझल निराळी’ - अभिप्राय : डॉ.विकास आमटे संपादक 565
09-03-2014 ’माझी गझल निराळी’ - अभिप्राय : डॉ. अभय बंग संपादक 565
09-03-2014 परीक्षकांचीच परीक्षा घेणारा गझलसंग्रह - श्री. श्याम पवार संपादक 787
16-04-2013 विद्यापिठाच्या Thesis मध्ये माझी वाङ्मयशेती गंगाधर मुटे 849
27-10-2012 'ब्लॉग माझा-२०१२' स्पर्धा - विजेता रानमोगरा गंगाधर मुटे 1,104 2
30-12-2011 रानमेवा अभिप्राय : डॉ मधुकर वाकोडे संपादक 1,584 1
13-07-2011 भोंडला, हादगा आणि भुलाबाईची गाणी : महिलांच्या व्यथा गंगाधर मुटे 7,032 13
02-07-2011 सत्कार समारंभ : वर्धा गंगाधर मुटे 2,009 2
30-05-2011 स्टार माझा स्पर्धा विजेता - माझा ब्लॉग रानमोगरा गंगाधर मुटे 1,821
23-06-2011 गंगाधर मुटेंचा काव्यमेवा - कवितेचा परिचय बेफिकीर 1,372 3
24-06-2011 रानमेवाची दखल संपादक 1,133
23-06-2011 रानमेवा प्रस्तावना - मा. शरद जोशी संपादक 3,108
23-06-2011 भावात्म काव्यात्मकतेचा 'गोडवा’ प्रा. मधुकर पाटील 1,071
23-06-2011 'सकाळ' 'सप्तरंग पुरवणीत' 'रानमेवा' ची दखल संपादक 1,448
23-06-2011 इतके उत्तम भाष्य फ़क्त श्रेष्ठ कवीच करू शकतो वामन देशपांडे 908
23-06-2011 काळ्या मातीचा गंध शब्दाशब्दांतून जाणवतो. डॉ.श्रीकृष्ण राऊत 983
23-06-2011 सर्वच कविता वाचनीय मुकुंद कर्णिक 1,004
23-06-2011 विचार- सरणीचं अचूक दर्शन छाया देसाई 834
23-06-2011 चाकोरीबाहेरचं लिहायचा प्रयास गिरीश कुलकर्णी 963
23-06-2011 लिखाणामधे खूप विविधता स्वप्नाली 919

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